असल नहीं नकल
नकल करने वालों ने
असल को भी मात दे दी
तभी तो खुद चार्ली चैपलिन
चौथे नम्बर पर आया
चार्ली चैपलिन जैसा दिखने की प्रतियोगिता में।
वह चीखा चिल्लाया पर
तमाम नक्कालों के बीच
यह साबित नहीं कर पाया कि
उससे ज्यादा असल और कोई नहीं
पर यह दुनिया का चलन देखो
नक्काल बन गया
पुरस्कार का भागी
और असल बन गया
हार से खीझा प्रतिभागी।
आज की दुनिया में
बेकार है असल होना
याद रखो ज्यादा जरुरी है
उम्दा नकल होना